संसदीय कार्य विभाग

उत्तर प्रदेश शासन

अनुसरित प्रक्रिया कार्य विधि

अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां और कर्तव्य;

विभाग से सम्बन्धित प्रार्थनापत्र/प्रत्यावेदन आदि प्राप्त होने पर उसे सम्बन्धित अनुभाग को विचारण हेतु भेज दिया जाता है। जहॉं पर सहायक समीक्षा अधिकारी द्वारा उसे अनुभाग की सम्बन्धित पंजिका में प्रविष्ट करके उसे सम्बन्धित समीक्षा अधिकारी को सौंप दिया जाता है । समीक्षा अधिकारी द्वारा प्राप्त विचाराधीन पत्र की समीक्षा करते हुए अपनी टिप्पणी/प्रस्ताव सहित अनुभाग अधिकारी को प्रस्तुत कर दिया जाता है। अनुभाग अधिकारी द्वारा पत्रावली का परीक्षण करने के पश्चात् उसे उच्चानुमोदन हेतु अनुसचिव/उप सचिव/संयुक्त सचिव/विशेष सचिव को प्रस्तुत किया जाता है।

अनु सचिव/उप सचिव/संयुक्त सचिव/विशेष सचिव पत्रावली का अवलोकन/परीक्षण करने के उपरान्त अपने प्रस्ताव/टिप्पणी सहित पत्रावली अन्तिम निर्णय/उच्चानुमोदन हेतु प्रस्तुत कर देते हैं।

इस प्रकार विनिश्चय करने वाली प्रक्रिया के क्रम में पर्यवेक्षण के उपरान्त अन्तिम निर्णय लेने वाले का उत्तरदायित्व निर्धारित हो जाता है। वर्तमान में निम्नलिखित व्यवस्था लागू है:-

  • प्रभारी अधिकारी उप सचिव द्वारा संसदीय कार्य अनुभाग-1 के समस्त कार्यों का निष्पादन किया जायेगा उनके द्वारा विधान मण्डल से सम्बन्धित समस्त कार्य विशेष सचिव के माध्यम से प्रमुख सचिव को प्रस्तुत किया जायेगा तथा अधिष्ठान से सम्बन्धित कार्य भी विशेष सचिव के माध्यम से प्रमुख सचिव को प्रस्तुत किया जायेगा।
  • प्रभारी अधिकारी संयुक्त सचिव द्वारा संसदीय शिष्टाचार/पत्राचार कार्यान्वायन अनुभाग के समस्त कार्योंं का निष्पादन किया जायेगा तथा उनके द्वारा विशेष सचिव के माध्यम से प्रमुख सचिव को प्रस्तुत किया जायेगा ।
  • प्रभारी अधिकारी अनु सचिव द्वारा संसदीय कार्य अनुभाग-2 के समस्त कार्यों का निष्पादन किया जायेगा तथा उनके द्वारा समस्त कार्य विशेष सचिव के माध्यम से प्रमुख सचिव को प्रस्तुत किया जायेगा।
विनिश्चय करने की प्रक्रिया में पालन की जाने वाली प्रक्रिया जिसमें पर्यवेक्षण और उत्तरदायित्व के माध्यम सम्मिलित हैं ।
विनिश्चय करने वाली प्रक्रिया में अनुसरित प्रक्रिया, जिसमें पर्यवेक्षण और उत्तरदायित्व के निम्नलिखित चैनल शामिल हैं ।